Humorous Story – ‘ जादुई नंबर ‘

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Humorous Story – ‘ जादुई नंबर ‘

एक दिन रात को मैंने एक सपना देखा । उसके कुछ दिनों बाद  मुझे मेरा एक दोस्त मिला ,मैंने उसे मेरे सपने के बारे में बताया । मैंने बताया -” कल रात मुझे सपने में एक बहुत बड़ा अक्षर 5 नजर आया,जो सोने से दमक रहा था  । मैंने सोचा की जरूर इस नंबर में कोई राज छुपा है ।”

अचानक सुबह नींद उड़ी तब 5 बजे थे  । मुझे बड़ा आश्चर्य हुआ । मैंने सोचा आज तो 5 नंबर का ध्यान रखना ही पड़ेगा । मेरे दिमाग में 5 नंबर ही गुम रहा था ।

रोज सुबह मैं 8 km साइकिल चलाता  हूँ ,पर उस दिन मैंने 5 km  ही चलाने का निश्चय किया   ।

घर पर आकर 5 मिनट  बैठा । चाय में रोज 5 चम्मच चीनी डालता था पर आज मैंने 5 चम्मच चीनी डाली ।

टेबल पर भी 5 खाली प्याली रखी ।

अब नहाने का समय हुआ तो मैंने 5 मिनट ही शावर चलाया । अब 5 नंबर  का ध्यान रखने का ठान लिया था ।

सुबह जब मैं  अखबार पढ़ रहा था ,तभी  मेरे दिमाग ने फिर दस्तक दी ।मैंने तुरंत अखबार का पेज नंबर 5 निकाला । उसमें एक घुड़दौड़ का विज्ञापन दिखा ,मैंने देखा की उस रेस में कुल 5 राउंड थे ।

मैंने सोचा आज 5 नंबर मेरे लिए खास है ,क्यों न 5 नंबर घोड़े पर दांव लगाया जाये ।

कार को चलाने से पहले 5 मिनट उसमे बैठा । फिर कार स्टार्ट की ।

मैंने रेसकोर्स पर जाने की सोची । पार्किंग पर मैंने 5 नंबर पार्किंग ढून्ढ कर कार को वही पार्क किया । रेसकोर्स  में भी मैं 5 नंबर गेट से घुसा ।

अब बैठते समय भी मैंने ध्यान से 5th नंबर की पंक्ति में बैठने का निश्च्य किया ।

आज तो दांव भी अब 5 नंबर के घोड़े पर ही लगाना था ।

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मन  में भी पूरा विश्वास था की आज तो 5 नंबर ही जीतेगा । शुरू के 4 राउंड में मेरा 5 नंबर का घोडा दूसरे नंबर पर आया तो मेरा विश्वास पक्का हो गया । मन बहुत खुश हो रहा था ।

इतना सुनकर मैं रुक गया तो मेरे दोस्त ने पूछा – ” तो क्या तुम्हारा घोड़ा जीत गया ?”

मैंने उदास होकर कहा – ” मनहूस घोड़ा 5 वे  नंबर पर आया ।”

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