Bestseller Hindi Books in 2019 fiction and non fiction

Best Seller Books in Hindi 2019
Best Seller Books in Hindi 2019

हिंदी बेस्टसेलर किताबों की सूची

इस पोस्ट में हम ऑनलाइन पर उपलब्ध 2019 में फिक्शन और नॉन फिक्शन की श्रेणी में बेस्टसेलर किताबों के बारे में बात कर रहे हैं ।

Bestseller Hindi Books in 2019 fiction and non fiction

Fiction

  • Aughad

‘औघड़’ भारतीय ग्रामीण जीवन और परिवेश की जटिलता पर लिखा गया उपन्यास है जिसमें अपने समय के भारतीय ग्रामीण-कस्बाई समाज और राजनीति की गहरी पड़ताल की गई है। ‘औघड़’ नई सदी के गाँव को नई पीढ़ी के नजरिये से देखने का गहरा प्रयास है।  ग्रामीण जीवन की कई परतों की तह उघाड़ता यह उपन्यास पाठकों के समक्ष कई विमर्श भी प्रस्तुत करता है। इस उपन्यास में भारतीय ग्राम्य व्यवस्था के सामाजिक-राजनितिक ढाँचे की विसंगतियों को तरीके से उजागर किया गया है। ‘औघड़’ धार्मिक पाखंड, जात-पात, छुआछूत, महिला की दशा, राजनीति, अपराध और प्रसाशन के त्रियक गठजोड़, सामाजिक व्यवस्था की सड़न, संस्कृति की टूटन, ग्रामीण मध्य वर्ग की चेतना के उलझन इत्यादि विषयों से गुरेज करने के बजाय, इनपर बहुत ठहरकर विचारता और प्रचार करता चलता है। व्यंग्य और गंभीर संवेदना के संतुलन को साधने की अपनी चिर-परिचित शैली में नीलोत्पल मृणाल ने इस उपन्यास को लिखते हुए हिंदी साहित्य की चलती आ रही सामाजिक सरोकार वाली लेखन को थोड़ा और आगे बढ़ाया है।

  • Dark Horse: Ek Ankahi Dastan

डार्क हॉर्स’हिंदी में लिखे गए इस दशक के सबसे लोकप्रिय उपन्यासों में से एक है। हिंदी माध्यम में सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी करने वाले उम्मीदवारों के जीवन का ऐसा जीवंत और विशद चित्रण आज तक किसी अन्य पुस्तक में नहीं किया गया। देश की सर्वोच्च सम्मानित परीक्षा की तैयारी करने वाले उम्मीदवार न केवल एक आकांक्षी हैं, बल्कि उनकी गोद में बहु-जीवन शैली और संघर्ष भी है। यह उसी संघर्ष की कहानी है। इस उपन्यास में गाँवों / कस्बों से बाहर निकलने और शहरी जीवन के साथ विशेष रूप से मुखर्जी नगर, दिल्ली की पृष्ठभूमि में होने वाले असामान्य विचारों का चित्रण किया गया है। पाठकों के बीच अपार लोकप्रियता के अलावा, इस उपन्यास को 2015 का ‘साहित्य अकाडमी युवा पुरस्कार’ भी मिला है। यह इस पुस्तक का संपादित और परिष्कृत संस्करण है।

  •  Banaras Talkies

एक संपूर्ण कॉलेज। तीन अपूर्ण छात्र। एक देखभाल छात्रावास। तीन लापरवाह साथी। निर्णायक वर्ष।तीन अज्ञानी आत्माएं। एक बम विस्फोट और एक करीबी दाढ़ी। BHU के गेट के माध्यम से जीवन में आपका स्वागत है।

Non-Fiction

  • Kashmirnama

‘अशोक कुमार पाण्डेय की ‘कश्मीरनामा’ हिन्दी में कश्मीर के इतिहास पर एक पथप्रदर्शक किताब है। यह किताब घाटी के उस राजनैतिक इतिहास की उनकी स्पष्ट समझ प्रदर्शित करती है जिसने इसे वैसा बनाया, जैसी यह आज है।’’

-शहनाज बशीर, युवा कश्मीरी उपन्यासकार

 ‘कश्मीरनामा’ पढ़कर इस बात का सुखद अनुभव होता है कि इसे एक-एक ऐतिहासिक घटना को बड़े एहतियात के साथ, छेड़े बिना, किसी भी प्रकार के पूर्वग्रह से मुक्त होकर लिखा गया है। मुझे उम्मीद है ‘कश्मीरनामा’ को कश्मीर में रुचि रखने वाले पाठक, शोधकर्ता और शिक्षक कश्मीर के इतिहास की पुस्तकों में एक दिग्दर्शन-पुस्तक के रूप में लेंगे।’’

-डॉ. निदा नवाज, प्रख्यात कश्मीरी कवि तथा लेखक

अशोक कुमार पाण्डेय एक चर्चित कवि और विचारक हैं जो सामार्थिक विषयों पर गहन शोध के लिए जाने जाते हैं।

  • Tumhare Baare Mein

मैं उस आदमी से दूर भागना चाह रहा था जो लिखता था। बहुत सोच-विचार के बाद एक दिन मैंने उस आदमी को विदा कहा जिसकी आवाज़ मुझे ख़ालीपन में ख़ाली नहीं रहने दे रही थी। मैंने लिखना बंद कर दिया। क़रीब तीन साल कुछ नहीं लिखा। इस बीच यात्राओं में वह आदमी कभी-कभी मेरे बग़ल में आकर बैठ जाता। मैं उसे अनदेखा करके वहाँ से चल देता। कभी लंबी यात्राओं में उसकी आहट मुझे आती रही, पर मैं ज़िद में था कि मैं इस झूठ से दूर रहना चाहता हूँ। इस बीच लगातार मेरे पास फ़ोन था, जिससे मैं यात्राओं में तस्वीरें खींचता रहा। फिर किसी बच्चे की तरह यहाँ-वहाँ देखकर कि कहीं वह आदमी आस-पास तो नहीं है?

इस किताब में यात्राएँ हैं, नाटकों को बनाने का मुक्त अकेलापन है, कहानियाँ हैं, मौन में बातें हैं, इंस्टाग्राम की लिखाई है और लिखने की अलग-अलग अवस्थाएँ हैं। एक तरीक़े का बाँध था, जिसका पानी कई सालों से जमा हो रहा था। इस किताब में मैंने वह बाँध तोड़ दिया है।—- मानव कौल

  • Hamsafar Everest

‘हमसफ़र एवरेस्ट’ एक यात्रा-वृत्तांत है, एवरेस्ट बेस कैंप के साथ-साथ गोक्यो झीलों का भी।

नेपाल में भारतीयों के लिए किसी वीज़ा-पासपोर्ट की आवश्यकता नहीं होती, तब भी वह है तो विदेश ही। अलग करेंसी, अलग टाइम-ज़ोन, अलग नेटवर्क, अलग भाषा, अलग खान-पान। इन सबके बीच एक भारतीय दंपत्ति ने किस तरह तालमेल बैठाया, यह पढ़ना आपको रोमांचक अवश्य लगेगा। अपनी मोटरसाइकिल से सीमा पार करना, सड़क ही समाप्त हो जाने तक मोटरसाइकिल चलाते रहना, फिर इसे एक गुमनाम-सी जगह पर छोड़कर एक लंबी पदयात्रा यानी ट्रैकिंग करना। परंपरागत रूप से यात्री काठमांडू से लुकला तक हवाई-जहाज से जाते हैं, लेकिन लेखक ने थल-मार्ग चुना। और थल-मार्ग भी ऐसा जिसके बारे में ज्यादातर ट्रैकर्स को नहीं पता होता। लेखक और उनकी पत्नी (सहयात्री) को भी नहीं पता था, लेकिन नियति को जो मंज़ूर था, होता चला गया। और रोमांचक बनता गया।

हिंदी में एवरेस्ट चोटी के वृत्तांतों की कुछ पुस्तकें उपलब्ध हैं, लेकिन ख़ासकर बेस कैंप ट्रैक से संबंधित कोई किताब नहीं है। हर साल दुनिया भर से हज़ारों ट्रैकर्स एवरेस्ट बेस कैंप जाते हैं। भारत से भी बहुत जाते हैं। जाने से पहले प्रत्येक ट्रैकर के मन में बहुत सारे प्रश्न आते हैं, बहुत सारी बातें आती हैं, जो प्रायः अनुत्तरित ही रह जाते हैं। यह किताब ऐसे यात्रियों की प्रत्येक जिज्ञासा का समाधान करती है।

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