वो हैं पापा Poem on Father

चेहरे पर है जिनके मुस्कान
है सबके दिल की वो जान,
वो है पापा।

हो जाओ अगर कभी तुम late भी
तो जो घर इन्तेजार करते मिल जाये
वो है पापा।

अगर आ जाये कोई बड़ी से बड़ी मुश्किल
हंसकर उससे खुद टकरा जाए
वो हैं पापा।

मां रखे सबका ध्यान,पर जो रखे
मां का भी ध्यान वो है पापा।

माँ की डांट पढ़ने पर भी,
जो हंसकर मनाये वो है पापा।

थक भी जाओ अगर राह में तुम कभी
खुद थकने पर भी तुम्हें
गोद मे जो उठाये
वो है पापा।

छलके जो आंसू कभी तेरी आंख से
सारी दुनिया को हिला दे
जो वो है पापा।

गलती हो जाये तुमसे कितनी भी बडी
हंसकर निपटा दे वो है पापा।

अगर कोई आ जाये जो तेरे सामने,
तुजसे पहले जो उनसे टकरा जाए,
वो है पापा।

सोने पर जो खुद लोरी चाहे न सुनाये
पर रात को तुझे खुद की
चद्दर ओड़ा जाए
वो है पापा।

बच्चों के साथ जो खुद बच्चे बन जाये
उनको हंसाने के लिए जो खुद ही खिलखिलाए ,
वो है पापा।

मन मे जो है कितने ही मुश्किलें दबाये
तेरे हर अरमान को फिर भी पूरा कर जाए
वो है पापा।

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